Category: HINDI

HINDI LANGUAGE AND PEDAGOGY

संज्ञा और उसके भेद-हिंदी व्याकरणसंज्ञा और उसके भेद-हिंदी व्याकरण

संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव आदि का बोध कराने वाले शब्द संज्ञा कहलाते हैं, जैसे- -राहुल, दिल्ली आदि। संज्ञा के भेद संज्ञा के तीन भेद होते हैं 1. व्यक्तिवाचकः

शब्द विचार – तत्सम, तद्भव ,देशज ,विदेशज/विदेशी या आगत ,तथा संकर शब्दशब्द विचार – तत्सम, तद्भव ,देशज ,विदेशज/विदेशी या आगत ,तथा संकर शब्द

“शब्द विचार” शब्दों के भेद वर्णों का सार्थक समूह शब्द कहलाता है। वाक्य में प्रयुक्त शब्द, पद कहलाता है। शब्दों को अलग-अलग आधारों पर कई भागों में बाँटा जा सकता

विशेषण – परिभाषा, भेद और उदाहरण : हिन्दी व्याकरणविशेषण – परिभाषा, भेद और उदाहरण : हिन्दी व्याकरण

विशेषण और उसके भेद विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं, जैसे-राहुल एक मोटा लड़का है। विशेष्य जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतलायी जाती

सर्वनाम परिभाषा उसके भेद और उदाहरण : हिन्दी व्याकरणसर्वनाम परिभाषा उसके भेद और उदाहरण : हिन्दी व्याकरण

सर्वनाम और उसके भेद सर्वनाम सर्वनाम शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है-सर्व + नाम। ‘सर्व’ का अर्थ है सभी तथा ‘नाम’ का अर्थ है संज्ञा। अर्थात् जो शब्द सभी

कारक : परिभाषा, भेद एवं उदाहरण : हिन्दी व्याकरणकारक : परिभाषा, भेद एवं उदाहरण : हिन्दी व्याकरण

कारक संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया से संबंध बताने वाला रूप या विभक्ति कारक कहलाता है। कारक के आठ भेद होते हैं- 1. कर्ता कारकः क्रिया को करने वाला कर्ता

काल की परिभाषा, भेद और उदाहरणकाल की परिभाषा, भेद और उदाहरण

काल क्रिया के प्रयोग का समय काल कहलाता है। काल के तीन प्रकार होते हैं- 1. भूतकाल 2. वर्तमानकाल 3. भविष्यत्काल भूतकाल जिन क्रियाओं का व्यापार बीते हुए समय में

भाषा व लिपिभाषा व लिपि

भाषा व लिपि   भाषा प्राणी जगत में मानव को विशिष्ट प्राणी का दर्जा मिला है, इसका श्रेय मानव के एक विशिष्ट गुण को जाता है। वह है भाषा, मानव